Monday, June 3, 2013

संता साइंस का स्टूडेंट था !!



एक बार संता कहीं जा रहा था, उसे सड़क पर कोई चीज पड़ी दिखी.

वह साइंस का स्टूडेंट था , इसलिए उसने साइंस के सिद्धांत के हिसाब से पहले देखकर, फिर छूकर, फिर सूंघकर यह पता लगाने की कोशिश की कि आख़िर वह क्या है.

जब समझ में नहीं आया, तो उसने चखकर देखा चखने पर उसे मालूम पड़ा कि यह तो गोबर है.

संता ने राहत की सांस लेते हुए कहा : अच्छा हुआ कि इस पर मेरा पैर नहीं पड़ा.

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1 Comments:

At March 17, 2011 at 6:47 AM , Anonymous Udan Tashtari said...

साइंस पढ़ने का फायदा हुआ...हम तो कामर्स पढ़े हैं, सीधे ही पैर रख देते. :)

 

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